बिहार में पैक्स (PACS) का सदस्य बनने के लिए अब पंचायत या दफ्तर के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। सहकारिता विभाग के ई-सहकारी पोर्टल पर पैक्स सदस्यता का फॉर्म ऑनलाइन भरा जाता है। आप मोबाइल या कंप्यूटर से रजिस्ट्रेशन करके फॉर्म भर सकते हैं, कागज अपलोड कर सकते हैं और आखिर में फॉर्म का प्रिंट निकालकर सहकारिता कार्यालय में जमा कर सकते हैं।
फॉर्म भरना मुश्किल नहीं है, लेकिन कई लोग फोटो की साइज, पीडीएफ फाइल या गलत पंचायत चुनने की वजह से अटक जाते हैं। नीचे हर स्टेप आसान भाषा में समझाया गया है, ताकि पहली बार में ही फॉर्म सही भर जाए।
पैक्स होता क्या है

PACS का पूरा नाम प्राथमिक कृषि साख समिति है। यह गांव और पंचायत के स्तर पर बनी सहकारी समिति होती है, जिसे उसी इलाके के सदस्य मिलकर चलाते हैं। गांव में धान की सरकारी खरीद, खाद-बीज और खेती के लिए कर्ज जैसे काम आमतौर पर पैक्स के जरिए ही होते हैं।
सहकारिता विभाग ने 2023 में बताया था कि राज्य के 8,463 पैक्स को कंप्यूटर से जोड़ा जा रहा है और इन्हें कॉमन सर्विस सेंटर की तरह भी चलाया जाएगा। यानी आगे चलकर गांव के लोग पैक्स से ही ई-केवाईसी, बैंकिंग और दूसरी ऑनलाइन सेवाएं ले सकेंगे।
पैक्स का सदस्य बनने का मतलब है कि आप उस समिति के हिस्सेदार बन जाते हैं। समिति कैसे चलेगी, कौन अध्यक्ष बनेगा, ये फैसले सदस्य ही करते हैं।
सदस्य बनने से क्या मिलता है
सदस्य बनने के बाद आप समिति की सुविधाओं से सीधे जुड़ जाते हैं। मोटे तौर पर ये फायदे होते हैं:
- खेती के लिए पैक्स और सहकारी बैंक से कर्ज लेने का रास्ता खुलता है। किसान क्रेडिट कार्ड भी सहकारी बैंक से बन सकता है।
- पैक्स से खाद और बीज लेने में आसानी रहती है।
- पैक्स के चुनाव में वोट डालने का हक मिलता है। शर्तें पूरी करने पर आप खुद भी चुनाव लड़ सकते हैं।
- पैक्स में धान की सरकारी खरीद होती है, सदस्य होने पर समिति के कामकाज की जानकारी सीधे आप तक रहती है।
किस सुविधा के लिए अलग से क्या शर्त है, यह हर योजना के हिसाब से बदल सकता है। इसलिए कर्ज या किसी खास योजना के लिए अपने पैक्स के प्रबंधक से जरूर बात करें।
कौन भर सकता है फॉर्म
- आवेदक की उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए।
- आवेदक उसी पंचायत या पैक्स क्षेत्र का रहने वाला हो, जिस पैक्स का सदस्य बनना चाहता है।
- आवेदक पहले से उस पैक्स का सदस्य न हो।
मान लीजिए आप गया जिले की किसी पंचायत में रहते हैं, तो आपको उसी पंचायत के पैक्स के लिए आवेदन करना होगा। दूसरी पंचायत या दूसरे प्रखंड के पैक्स के लिए फॉर्म भरेंगे तो जांच में मामला अटक सकता है।
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फॉर्म भरने से पहले ये कागज तैयार रखें
- आवेदक की हाल की फोटो
- आवेदक के हस्ताक्षर की फोटो
- पहचान पत्र, जैसे आधार कार्ड
- पते का सबूत, जैसे आधार कार्ड, वोटर कार्ड, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट में से कोई एक
- बैंक खाते की जानकारी (खाता नंबर और IFSC कोड)
- चालू मोबाइल नंबर
पोर्टल पर फाइलों की साइज तय है। इससे बड़ी फाइल अपलोड ही नहीं होगी:
| क्या अपलोड करना है | फाइल कैसी हो |
|---|---|
| फोटो | 50 KB से कम |
| हस्ताक्षर | 20 KB से कम |
| पहचान पत्र और आवासीय प्रमाण | PDF फाइल, 400 KB से कम |
मोबाइल से फोटो खींचने पर फाइल अक्सर 2-3 MB की बनती है। इसे छोटा करने के लिए किसी फोटो रिसाइज ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं। आधार या वोटर कार्ड की फोटो को पीडीएफ बनाने के लिए मोबाइल के स्कैनर ऐप काम आते हैं। यह काम पहले ही कर लें, फॉर्म भरते वक्त बीच में इसमें उलझेंगे तो समय खराब होगा।
हस्ताक्षर सफेद कागज पर काले या नीले पेन से करें और उसकी साफ फोटो लें। धुंधली फोटो या टेढ़ा स्कैन होने पर जांच के समय दिक्कत आ सकती है।
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पहला काम: User ID और पासवर्ड बनाइए
- सहकारिता विभाग के ई-सहकारी पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट खोलें।

- होम पेज पर ‘किसान कॉर्नर (अधिप्राप्ति / अन्य)’ वाले विकल्प पर क्लिक करें।

- नए पेज पर ‘पैक्स में सदस्यता हेतु आवेदन करने के लिए यहां क्लिक करें’ वाला लिंक दिखेगा, उस पर क्लिक करें।
- अब पैक्स सदस्यता का लॉगिन पेज खुलेगा। लॉगिन बॉक्स के पास ‘यूजर आईडी और पासवर्ड पाने के लिए यहां क्लिक करें’ लिखा मिलेगा, उस पर क्लिक करें।
- पहले घोषणा वाला पेज आएगा। उसे पढ़कर आगे बढ़ें। इसके बाद रजिस्ट्रेशन फॉर्म खुलेगा।
- रजिस्ट्रेशन फॉर्म में नाम, मोबाइल नंबर और मांगी गई बाकी जानकारी भरकर सबमिट करें।
- सबमिट करते ही आपका यूजर आईडी और पासवर्ड दिख जाएगा। इसे कागज पर लिख लें या स्क्रीनशॉट ले लें।
नाम वही लिखें जो आधार कार्ड पर है। रजिस्ट्रेशन में एक नाम और कागजों में दूसरा नाम होने पर फॉर्म की जांच में आपत्ति लग सकती है।
दूसरा काम: लॉगिन करके सदस्यता फॉर्म भरिए
यूजर आईडी मिलने के बाद उसी लॉगिन पेज पर लौटें। यूजर के प्रकार में ‘आवेदक’ चुनें, फिर यूजर आईडी, पासवर्ड और स्क्रीन पर दिख रहा कोड (कैप्चा) डालकर लॉगिन करें। इसके बाद फॉर्म कई हिस्सों में भरना होता है:
- सदस्यता फॉर्म: अपना नाम, पिता या पति का नाम, पता, जिला, प्रखंड, पंचायत और पैक्स का नाम भरें। पंचायत और पैक्स चुनते वक्त खास ध्यान दें, यहीं सबसे ज्यादा गलती होती है।
- फोटो और हस्ताक्षर: तय साइज वाली फोटो और हस्ताक्षर अपलोड करें।
- दस्तावेज अपलोड: पहचान पत्र और आवासीय प्रमाण की पीडीएफ अपलोड करें।
- सिफारिश की जानकारी: इस पेज पर जो जानकारी मांगी गई है, वह भरें।
- बैंक की जानकारी: बैंक का नाम, खाता नंबर और IFSC कोड भरें। खाता नंबर दो बार मिलाकर देख लें।
- फाइनल करें: सब भरने के बाद पूरा फॉर्म एक बार शुरू से आखिर तक पढ़ें, फिर फाइनल सबमिट करें।
फॉर्म का कोई हिस्सा अधूरा रह गया तो बाद में दोबारा लॉगिन करके उसे पूरा कर सकते हैं। लेकिन फाइनल करने से पहले हर पेज ठीक से जांच लें, क्योंकि उसके बाद बदलाव की गुंजाइश कम रहती है।
Important Link
| लिंक का नाम | URL |
|---|---|
| पैक्स सदस्यता ऑनलाइन आवेदन (लॉगिन पेज) | Click Here |
| यूजर आईडी और पासवर्ड बनाएं (रजिस्ट्रेशन) | Click Here |
| आवेदन स्टेटस चेक करें | Click Here |
| यूजर आईडी / पासवर्ड भूल गए | Click Here |
| फॉर्म भरने की गाइड (PDF) | Click Here |
| ई-सहकारी पोर्टल (होम पेज) | Click Here |
| सहकारिता विभाग, बिहार | Click Here |
ऑनलाइन फॉर्म के बाद ये काम भी जरूरी है
सिर्फ ऑनलाइन सबमिट करने से काम पूरा नहीं होता। फॉर्म फाइनल होने के बाद पोर्टल से प्रपत्र-V और घोषणा पत्र का प्रिंट निकालें। इन पर अपने हस्ताक्षर करें और सहायक निबंधक, सहयोग समितियां (ARCS) के कार्यालय में जमा करें।
बहुत से लोग यह स्टेप भूल जाते हैं और महीनों तक सोचते रहते हैं कि सदस्यता क्यों नहीं मिली। इसलिए प्रिंट निकालकर जमा करना न भूलें। जमा करते समय अपने साथ आधार कार्ड और अपलोड किए गए कागजों की एक फोटोकॉपी भी रख लें, ताकि जरूरत पड़ने पर दिखा सकें।
सहकारी समिति का सदस्य बनने पर समिति का शेयर (हिस्सा) लेना होता है। इसकी रकम और जमा करने का तरीका अपने पैक्स के प्रबंधक या सहकारिता कार्यालय से पूछ लें।
आवेदन का स्टेटस कैसे देखें
पैक्स सदस्यता वाले पेज के ऊपर ‘Check Status’ का विकल्प दिया गया है। इस पर क्लिक करके आप देख सकते हैं कि आपका आवेदन किस स्थिति में है, जांच चल रही है या कोई आपत्ति लगी है।
अगर यूजर आईडी या पासवर्ड भूल गए हैं तो लॉगिन बॉक्स के नीचे ‘अगर आप अपना यूजर आईडी और पासवर्ड भूल गए हैं तो यहां क्लिक करें’ वाला लिंक है। वहां से इसे दोबारा पाया जा सकता है।
फॉर्म भरते वक्त ये गलतियां न करें
- दूसरी पंचायत का पैक्स न चुनें। जहां रहते हैं, उसी पंचायत का पैक्स चुनें।
- नाम और पिता का नाम आधार कार्ड से अलग न लिखें।
- किसी और का मोबाइल नंबर न डालें। आगे की सारी जानकारी इसी नंबर पर आ सकती है।
- फोटो की जगह हस्ताक्षर या हस्ताक्षर की जगह फोटो अपलोड न करें। यह सुनने में छोटी बात लगती है, पर जल्दबाजी में ऐसा अक्सर होता है।
- धुंधले या आधे कटे कागज अपलोड न करें।
- प्रपत्र-V और घोषणा पत्र जमा करना न भूलें।
साइबर कैफे से फॉर्म भरवा रहे हैं तो
कई लोग खुद फॉर्म भरने की बजाय साइबर कैफे या वसुधा केंद्र पर जाते हैं। इसमें कोई दिक्कत नहीं है, बस अपना यूजर आईडी और पासवर्ड खुद लिखकर अपने पास रखें। फॉर्म फाइनल होने के बाद उसकी एक कॉपी और प्रपत्र-V का प्रिंट अपने साथ लेकर ही लौटें। पंचायत, बैंक खाता और मोबाइल नंबर अपनी आंखों के सामने एक बार जरूर पढ़वा लें।
दिक्कत आए तो किससे पूछें
फॉर्म भरते वक्त वेबसाइट में कोई तकनीकी दिक्कत आए, जैसे पेज न खुले या फाइल अपलोड न हो, तो सदस्यता पोर्टल के होम पेज पर तकनीकी मदद के लिए एक ईमेल पता दिया गया है। उस पर अपनी समस्या, नाम और मोबाइल नंबर लिखकर भेज सकते हैं।
पैक्स चुनने, कागजों या आवेदन की जांच से जुड़े सवालों के लिए अपने पैक्स के अध्यक्ष या प्रबंधक से मिलें। वहां से बात न बने तो प्रखंड के सहकारिता पदाधिकारी या सहायक निबंधक, सहयोग समितियां के कार्यालय में जाकर अपने आवेदन की जानकारी ले सकते हैं।