अगर आपके परिवार में किसी का जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate) या मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) अभी तक नहीं बना है, तो यह लेख आपके लिए है। 2026 में सरकार ने इससे जुड़े नियमों को पहले से ज़्यादा सख्त और डिजिटल बनाने की दिशा में कदम उठाए हैं। अब देर से रजिस्ट्रेशन करवाना पहले जितना आसान नहीं रहा, खासकर अगर मामला 2 साल से ज़्यादा पुराना है।
इस लेख में हम हर स्थिति के हिसाब से — 21 दिन के अंदर, 21 दिन से 1 साल, 1 साल से 2 साल और 2 साल के बाद — पूरी प्रक्रिया, ज़रूरी दस्तावेज़, फीस और 2026 का नया अपडेट स्टेप-बाय-स्टेप समझेंगे।
ध्यान दें: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। नियम और फीस राज्य के अनुसार अलग हो सकते हैं, इसलिए आवेदन से पहले अपने स्थानीय रजिस्ट्रार कार्यालय या CRS पोर्टल (crsorgi.gov.in) से एक बार पुष्टि ज़रूर करें।
जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रेशन का कानूनी आधार
भारत में जन्म और मृत्यु का रजिस्ट्रेशन Registration of Births and Deaths (RBD) Act, 1969 के तहत अनिवार्य है। 2023 में हुए संशोधन के बाद रजिस्ट्रेशन को पूरी तरह डिजिटल कर दिया गया और जन्म प्रमाण पत्र को स्कूल एडमिशन, पासपोर्ट, आधार, वोटर आईडी जैसी लगभग सभी ज़रूरी सेवाओं के लिए एकमात्र मान्य दस्तावेज़ बना दिया गया।
वीडियो के अनुसार, जुलाई 2026 में केंद्र सरकार ने लोकसभा में Registration of Births and Deaths (Amendment) Bill, 2026 पेश किया है। इसका मुख्य मकसद है कि 2 साल से ज़्यादा देरी वाले रजिस्ट्रेशन पर सख्त निगरानी रखी जाए। पहले यह काम ज़िला प्रशासन स्तर पर हो जाता था, अब ऐसे मामलों में Judicial Magistrate First Class (JMFC) के आदेश की ज़रूरत पड़ सकती है।
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ध्यान दें: यह बिल अभी संसद में विचाराधीन है। जब तक यह पूरी तरह लागू नहीं होता, राज्यों में मौजूदा प्रक्रिया (SDM/DM ऑर्डर वाली) ही चल रही है।
समय के हिसाब से रजिस्ट्रेशन के 4 चरण
जन्म या मृत्यु की घटना कब हुई, उसी हिसाब से रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया, फीस और ज़रूरी दस्तावेज़ तय होते हैं:
| समय-सीमा | कहाँ रजिस्टर होगा | फीस | अतिरिक्त अनुमति |
|---|---|---|---|
| 21 दिन के अंदर | स्थानीय रजिस्ट्रार | निःशुल्क | ज़रूरत नहीं |
| 21–30 दिन | स्थानीय रजिस्ट्रार | ₹2 विलंब शुल्क | ज़रूरत नहीं |
| 30 दिन – 1 साल | स्थानीय रजिस्ट्रार | ₹5–₹10 | शपथ पत्र + रजिस्ट्रार अनुमति |
| 1 साल – 2 साल | SDM/DM कार्यालय | ₹10–₹25 + आदेश शुल्क | मजिस्ट्रेट का आदेश ज़रूरी |
| 2 साल के बाद | JMFC कोर्ट | कोर्ट फीस + विलंब शुल्क | न्यायिक आदेश अनिवार्य (2026 प्रस्ताव) |
फीस राज्य-दर-राज्य थोड़ी अलग हो सकती है, इसलिए अपने नगर निगम/पंचायत कार्यालय से एक बार ज़रूर कन्फर्म करें।
21 दिन के अंदर रजिस्ट्रेशन (Before 21 Days)
यह प्रक्रिया सबसे आसान और पूरी तरह मुफ्त है।
- अस्पताल में जन्म/मृत्यु होने पर: अस्पताल प्रशासन खुद घटना की जानकारी रजिस्ट्रार को भेजता है। आपको सिर्फ डिस्चार्ज समरी लेकर प्रमाण पत्र कलेक्ट करना होता है।
- घर पर जन्म/मृत्यु होने पर: परिवार के मुखिया को 21 दिन के अंदर स्थानीय रजिस्ट्रार (नगर निगम/नगर पालिका/ग्राम पंचायत) को सूचना देनी होती है।
ज़रूरी दस्तावेज़:
| दस्तावेज़ | क्या देना है |
|---|---|
| पहचान प्रमाण | माता-पिता का आधार कार्ड / पहचान पत्र |
| मेडिकल दस्तावेज़ | डिस्चार्ज स्लिप/डॉक्टर रिपोर्ट (जन्म) या मेडिकल सर्टिफिकेट (मृत्यु) |
| पता प्रमाण | बिजली बिल / राशन कार्ड |
| आवेदन फॉर्म | Form 1 (जन्म) / Form 2 (मृत्यु), भरा हुआ |
फीस: पूरी तरह निःशुल्क। प्रमाण पत्र आमतौर पर 7 दिनों के अंदर जारी कर दिया जाता है।
21 दिन से 1 साल के बीच रजिस्ट्रेशन (After 21 Days to 1 Year)
21 दिन निकल चुके हों लेकिन 1 साल पूरा न हुआ हो, तब भी रजिस्ट्रेशन संभव है — बस थोड़े ज़्यादा दस्तावेज़ और मामूली विलंब शुल्क लगता है।
स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया:
- फॉर्म लें — स्थानीय रजिस्ट्रार कार्यालय से Form 1 / Form 2 लें या ऑनलाइन डाउनलोड करें।
- शपथ पत्र बनवाएँ — ₹10 के स्टाम्प पेपर पर देरी का कारण बताते हुए Affidavit नोटरी से बनवाएँ।
- दस्तावेज़ जमा करें — सभी सहायक दस्तावेज़ों (पहचान, पता, मेडिकल प्रमाण) के साथ फॉर्म रजिस्ट्रार को जमा करें।
- प्रमाण पत्र प्राप्त करें — रजिस्ट्रार सत्यापन के बाद प्रमाण पत्र जारी करता है।
फीस: ₹5 से ₹10 के बीच (राज्य अनुसार अलग)। इस चरण में सामान्यतः मजिस्ट्रेट के आदेश की ज़रूरत नहीं पड़ती। (21–30 दिन की देरी पर केवल ₹2 विलंब शुल्क लगता है और शपथ पत्र की ज़रूरत नहीं होती।)
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1 साल से 2 साल के बीच रजिस्ट्रेशन (मजिस्ट्रेट के आदेश से)
1 साल से ज़्यादा पुराने मामले सीधे रजिस्ट्रार के अधिकार क्षेत्र से बाहर चले जाते हैं। इसके लिए SDM/DM का आदेश ज़रूरी होता है।
स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया:
- NAC लें — रजिस्ट्रार कार्यालय से Non-Availability Certificate (NAC) लें, जो बताता है कि रिकॉर्ड में यह जन्म/मृत्यु दर्ज नहीं है।
- याचिका दाखिल करें — SDM/DM कार्यालय में स्कूल सर्टिफिकेट, अस्पताल रिकॉर्ड जैसे सबूतों के साथ Petition दाखिल करें।
- गवाह शपथ पत्र — दो गवाहों के हस्ताक्षर वाला शपथ पत्र साथ लगाएँ।
- मजिस्ट्रेट का आदेश — जाँच से संतुष्ट होने पर मजिस्ट्रेट रजिस्ट्रार को रजिस्ट्रेशन का आदेश देते हैं।
- प्रमाण पत्र जारी — आदेश मिलने के 7 दिन के भीतर प्रमाण पत्र जारी होता है।
समय-सीमा: आमतौर पर आदेश आने में 30–60 दिन लग सकते हैं। फीस: ₹10–₹25 + कोर्ट/आदेश शुल्क।
2 साल के बाद रजिस्ट्रेशन — 2026 का सबसे बड़ा बदलाव
अब तक 2 साल से ज़्यादा पुराने मामलों में भी ज़िला प्रशासन (SDM/DM) स्तर पर मंज़ूरी मिल जाती थी। लेकिन नए Amendment Bill, 2026 के प्रस्ताव के अनुसार, ऐसे मामले Judicial Magistrate First Class (JMFC) की अदालत में भेजे जाएँगे। यानी सिर्फ प्रशासनिक आदेश काफी नहीं होगा — फर्जी दावों को रोकने के लिए सबूतों की गहराई से जाँच होगी, और प्रक्रिया में ज़्यादा समय व कानूनी औपचारिकताएँ लग सकती हैं।
ज़रूरी दस्तावेज़:
| दस्तावेज़ | विवरण |
|---|---|
| NAC | Non-Availability Certificate ज़रूरी |
| ठोस प्रमाण | स्कूल रिकॉर्ड, राशन कार्ड, पुराना मेडिकल रिकॉर्ड, पारिवारिक दस्तावेज़ |
| कानूनी याचिका | वकील के माध्यम से न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष Petition |
| गवाह शपथ पत्र | दो या अधिक गवाहों के शपथ पत्र + पहचान/पता प्रमाण |
स्टेप-बाय-स्टेप (प्रस्तावित प्रक्रिया):
- रजिस्ट्रार कार्यालय से NAC प्राप्त करें।
- जन्म/मृत्यु की तारीख और स्थान साबित करने वाले सभी पुराने दस्तावेज़ इकट्ठा करें।
- गवाहों के शपथ पत्र तैयार करवाएँ।
- वकील के माध्यम से JMFC कोर्ट में याचिका दाखिल करें।
- कोर्ट का आदेश मिलने पर उसे रजिस्ट्रार के पास जमा करें — इसके बाद प्रमाण पत्र जारी होगा।
सुझाव: अगर आपका मामला 2 साल से पुराना है, तो प्रक्रिया शुरू करने से पहले स्थानीय रजिस्ट्रार कार्यालय या किसी विधि सलाहकार से ज़रूर सलाह लें, क्योंकि नए बिल के लागू होने के बाद नियमों में बदलाव संभव है।
Birth Death Certificate Online Apply कैसे करें? (CRS Portal Process)
Step 1: आधिकारिक पोर्टल पर जाएं
सबसे पहले जन्म-मृत्यु पंजीकरण के आधिकारिक पोर्टल crsorgi.gov.in पर जाएं। यहां उपलब्ध सेवाओं को देखकर पता करें कि आपके मामले में ऑनलाइन आवेदन की सुविधा है या नहीं।
कुछ राज्यों में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए अलग-अलग e-District पोर्टल या नगर निगम, नगर पालिका और ग्राम पंचायत की वेबसाइट का इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए आवेदन करने से पहले अपने राज्य और क्षेत्र के अनुसार सही पोर्टल की पुष्टि जरूर करें।
Step 2: General Public Signup से अकाउंट बनाएं
यदि पोर्टल पर पहली बार आवेदन कर रहे हैं, तो आपको नया अकाउंट बनाने की जरूरत पड़ सकती है। इसके लिए उपलब्ध General Public Signup या संबंधित नागरिक पंजीकरण विकल्प पर क्लिक करें।
अब मांगी गई जानकारी भरें। इसमें आपका नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और अन्य जरूरी विवरण शामिल हो सकते हैं। यदि मोबाइल नंबर या ईमेल पर OTP भेजा जाता है, तो उसे दर्ज करके वेरिफिकेशन पूरा करें।
रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद लॉगिन करने के लिए जरूरी जानकारी सुरक्षित रखें। ध्यान दें कि पोर्टल पर उपलब्ध विकल्प और अकाउंट बनाने की प्रक्रिया समय-समय पर बदल सकती है।
Step 3: Birth या Death Registration का विकल्प चुनें
अकाउंट बनाने के बाद पोर्टल पर लॉगिन करें। इसके बाद अपनी जरूरत के अनुसार Birth Registration यानी जन्म पंजीकरण या Death Registration यानी मृत्यु पंजीकरण का विकल्प चुनें।
यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है। यदि जन्म या मृत्यु की घटना का पहले से पंजीकरण हो चुका है और आपको केवल प्रमाण पत्र डाउनलोड करना है, तो नई रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू करने के बजाय प्रमाण पत्र खोजने या डाउनलोड करने की सुविधा का इस्तेमाल करना पड़ सकता है।
वहीं, यदि घटना का पंजीकरण अभी तक नहीं हुआ है, तो संबंधित पंजीकरण प्रक्रिया के अनुसार आवेदन करना होगा।
Step 4: ऑनलाइन आवेदन फॉर्म में जानकारी भरें
अब आवेदन फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी सही-सही दर्ज करें।
जन्म प्रमाण पत्र के लिए बच्चे का नाम, जन्म की तारीख, जन्म स्थान, माता-पिता का नाम और अन्य जरूरी विवरण मांगे जा सकते हैं। यदि बच्चे का नाम अभी नहीं रखा गया है, तो पोर्टल के नियमों के अनुसार उपलब्ध विकल्प चुनें।
मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए मृत व्यक्ति का नाम, मृत्यु की तारीख, मृत्यु का स्थान और अन्य संबंधित जानकारी भरनी पड़ सकती है।
फॉर्म में दर्ज की गई जानकारी दस्तावेजों से मेल खानी चाहिए। नाम, तारीख या स्थान में गलती होने पर आवेदन में देरी हो सकती है या सुधार के लिए अतिरिक्त प्रक्रिया अपनानी पड़ सकती है।
Step 5: जरूरी दस्तावेज अपलोड करें
फॉर्म भरने के बाद पोर्टल पर मांगे गए दस्तावेज अपलोड करें। दस्तावेजों की सूची इस बात पर निर्भर करती है कि जन्म या मृत्यु कहां हुई है और आवेदन किस श्रेणी में किया जा रहा है।
जन्म पंजीकरण के मामले में अस्पताल की जन्म रिपोर्ट, उपलब्ध मेडिकल रिकॉर्ड, माता-पिता की पहचान या पते से जुड़े दस्तावेज मांगे जा सकते हैं।
मृत्यु पंजीकरण के मामले में अस्पताल की मृत्यु रिपोर्ट, मेडिकल प्रमाण या अन्य संबंधित रिकॉर्ड की जरूरत हो सकती है।
सभी दस्तावेज स्पष्ट और पढ़ने योग्य होने चाहिए। अपलोड करने से पहले पोर्टल पर बताई गई फाइल की साइज, फॉर्मेट और अन्य शर्तें जरूर जांच लें। हर आवेदन में सभी दस्तावेज जरूरी हों, ऐसा नहीं है।
Step 6: आवेदन सबमिट करें और Reference Number सुरक्षित रखें
सभी जानकारी भरने और दस्तावेज अपलोड करने के बाद फॉर्म को एक बार ध्यान से जांच लें। यदि कोई गलती दिखाई देती है, तो सबमिट करने से पहले उसे ठीक कर दें।
इसके बाद Submit बटन पर क्लिक करके आवेदन जमा करें। आवेदन सफलतापूर्वक जमा होने पर पोर्टल की ओर से Reference Number, Application Number या Acknowledgement मिल सकता है।
इस नंबर को नोट कर लें या आवेदन की रसीद डाउनलोड करके सुरक्षित रख लें। आगे आवेदन का स्टेटस चेक करने या किसी तरह की जानकारी लेने में इसकी जरूरत पड़ सकती है।
Step 7: आवेदन का Status चेक करें
आवेदन जमा करने के बाद संबंधित पोर्टल पर उपलब्ध Application Status या Track Application विकल्प से उसकी स्थिति देख सकते हैं।
इसके लिए Reference Number या मांगी गई अन्य जानकारी दर्ज करनी पड़ सकती है। यदि आवेदन की जांच चल रही है, तो स्टेटस में Pending या Processing जैसी स्थिति दिखाई दे सकती है। यदि कोई अतिरिक्त दस्तावेज मांगा जाता है, तो पोर्टल के निर्देशों के अनुसार उसे जमा करें।
प्रमाण पत्र जारी होने में लगने वाला समय संबंधित स्थानीय रजिस्ट्रार, राज्य के नियमों और आवेदन की स्थिति पर निर्भर करता है।
Step 8: Birth या Death Certificate डाउनलोड करें
जब आवेदन स्वीकृत हो जाए और प्रमाण पत्र ऑनलाइन उपलब्ध करा दिया जाए, तो संबंधित पोर्टल पर Certificate Download या उपलब्ध समान विकल्प देखें।
जरूरी विवरण भरकर प्रमाण पत्र डाउनलोड करें। डाउनलोड की गई PDF में नाम, तारीख, रजिस्ट्रेशन नंबर और अन्य विवरण जांच लें। यदि कोई गलती हो, तो संबंधित जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार से सुधार की प्रक्रिया के बारे में जानकारी लें।
ध्यान रखें कि हर राज्य और हर प्रकार के आवेदन में ऑनलाइन डाउनलोड की सुविधा एक जैसी नहीं होती। कुछ मामलों में स्थानीय कार्यालय से संपर्क करना पड़ सकता है
Important Link
| जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रेशन का ऑफिशियल CRS पोर्टल (यहीं से General Public Signup होता है) | crsorgi.gov.in |
| CRS पोर्टल की सरकारी जानकारी (National Portal of India) | Revamped CRS Portal – services.india.gov.in |
| वीडियो में दिखाया गया पूरा लेख (India CSC Help) | Birth Death Certificate Apply New Process |
| अपने राज्य का e-District पोर्टल | हर राज्य का अलग है, Google पर “अपने राज्य का नाम + e-District” सर्च करें |
ज़रूरी बातें एक नज़र में
- जन्म/मृत्यु की घटना के 21 दिन के अंदर रजिस्ट्रेशन करवाएँ — यह मुफ्त है और 7 दिन में प्रमाण पत्र मिल जाता है।
- जितनी देरी होगी, उतने ज़्यादा दस्तावेज़, फीस और समय लगेगा।
- 1 साल के बाद SDM/DM का आदेश ज़रूरी है; 2 साल के बाद (नए प्रस्ताव के अनुसार) JMFC कोर्ट का आदेश लगेगा।
- NAC, शपथ पत्र और गवाहों के हलफनामे देर वाले मामलों में सबसे अहम दस्तावेज़ हैं।
- Amendment Bill, 2026 अभी विचाराधीन है — लागू होने तक मौजूदा प्रक्रिया ही चलेगी।
- फीस और नियम राज्य के अनुसार अलग हो सकते हैं, इसलिए अपने स्थानीय कार्यालय से पुष्टि करें।