UPYOG Bihar Birth Certificate 2026: नए पोर्टल पर कब मिलेगी सेवा, तब तक ऐसे बनाएं जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र
इस लेख में (15)
- UPYOG Bihar Birth Certificate: पोर्टल पर कब मिलेगी सेवा
- Birth Certificate क्यों जरूरी है
- अभी Bihar Birth Certificate कहां से बनता है
- 21 दिन का नियम सबसे जरूरी
- Late Registration Fee: 21 दिन के बाद क्या होगा
- Documents Required: Birth Certificate के लिए
- Documents Required: Death Certificate के लिए
- CRS पोर्टल से Birth Certificate Online Apply
- घर पर जन्म या मौत हुई हो तो क्या करें
- बच्चे का नाम बाद में कैसे जुड़वाएं
- Birth Certificate Download कैसे करें
- नाम या तारीख में गलती हो तो
- इन बातों का ध्यान रखें
- फर्जी प्रमाण पत्र और दलालों से सावधान
- Important Links
नमस्कार दोस्तों, आप सभी का हमारी इस नई पोस्ट में स्वागत है। बिहार सरकार ने शहरी सेवाओं के लिए UPYOG Bihar पोर्टल शुरू किया है। इसके बाद बहुत से लोग पूछ रहे हैं कि क्या अब जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र भी इसी पोर्टल से बनेगा।
बच्चे का स्कूल में दाखिला हो, Aadhaar हो या पासपोर्ट, हर जगह जन्म प्रमाण पत्र मांगा जाता है। घर में किसी की मौत हो जाए, तो पेंशन, बीमा और जमीन के कामों में मृत्यु प्रमाण पत्र चाहिए होता है।
इस पोस्ट में हम बताएंगे कि UPYOG Bihar Birth Certificate सेवा कब शुरू होगी, तब तक जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र Online कैसे बनाएं, 21 दिन का नियम क्या है, Late Fee कितनी है और कौन से Documents चाहिए। तो चलिए एक-एक करके सब समझते हैं।
UPYOG Bihar Birth Certificate: पोर्टल पर कब मिलेगी सेवा
नगर विकास एवं आवास विभाग ने 31 अक्टूबर 2026 से UPYOG Bihar पोर्टल शुरू किया है। इस पर कुल 19 Module रखे गए हैं। जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र सेवाओं का Module भी इनमें शामिल है।
लेकिन यह Module अभी शुरू नहीं हुआ है। पहले चरण में 10 Module लाइव हुए हैं और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बाकी 9 Module में है। विभाग ने कहा है कि ये जल्द लाइव होंगे, पर कोई तारीख नहीं बताई है। इसलिए अभी के लिए प्रमाण पत्र नीचे बताए मौजूदा तरीके से ही बनवाएं।
Birth Certificate क्यों जरूरी है
जन्म प्रमाण पत्र किसी व्यक्ति की जन्म तारीख और जन्म स्थान का सरकारी सबूत है। 1 अक्टूबर 2023 से जन्म और मृत्यु पंजीकरण कानून में बदलाव लागू हुआ है। इसके बाद स्कूल दाखिले, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर लिस्ट, Aadhaar, शादी के पंजीकरण और सरकारी नौकरी जैसे कामों में जन्म तारीख के सबूत के तौर पर जन्म प्रमाण पत्र की अहमियत और बढ़ गई है।
मृत्यु प्रमाण पत्र भी उतना ही जरूरी है। परिवार पेंशन, बीमा क्लेम, बैंक खाते का पैसा निकालना, जमीन का दाखिल-खारिज और वारिस से जुड़े कामों में इसकी जरूरत पड़ती है।
अभी Bihar Birth Certificate कहां से बनता है
बिहार में जन्म और मृत्यु का पंजीकरण केंद्र सरकार के Civil Registration System यानी CRS पोर्टल पर होता है। राज्य में यह काम योजना एवं विकास विभाग की देखरेख में होता है। आपके इलाके के जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार पंजीकरण करते हैं और प्रमाण पत्र जारी करते हैं।
एक आम गलतफहमी दूर कर लीजिए। बहुत से लोग जन्म प्रमाण पत्र के लिए RTPS पोर्टल पर ढूंढते रहते हैं। जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र का पंजीकरण CRS पोर्टल पर होता है।
21 दिन का नियम सबसे जरूरी
जन्म या मृत्यु होने के 21 दिन के अंदर पंजीकरण करवाना सबसे आसान रहता है। इस समय में पंजीकरण के लिए कोई Fee नहीं लगती और ज्यादा कागज भी नहीं मांगे जाते।
अगर बच्चे का जन्म अस्पताल में हुआ है, तो अस्पताल की जिम्मेदारी है कि वह जन्म की सूचना रजिस्ट्रार को दे। फिर भी माता-पिता को अस्पताल से पूछ लेना चाहिए कि सूचना भेज दी गई है या नहीं। घर पर जन्म हुआ है, तो परिवार को खुद सूचना देनी होती है।
Late Registration Fee: 21 दिन के बाद क्या होगा
21 दिन निकल जाने के बाद भी पंजीकरण हो जाता है, बस थोड़ी Late Fee और कुछ अतिरिक्त कागज लगते हैं। आमतौर पर बताई जाने वाली व्यवस्था यह है।
| पंजीकरण कब | Late Fee | क्या अतिरिक्त लगेगा |
|---|---|---|
| 21 दिन के अंदर | कोई Fee नहीं | सामान्य सूचना फॉर्म |
| 21 से 30 दिन | 2 रुपये | रजिस्ट्रार के पास आवेदन |
| 30 दिन से 1 साल | 5 रुपये | तय अधिकारी की लिखित अनुमति और शपथ पत्र |
| 1 साल के बाद | 10 रुपये | मजिस्ट्रेट का आदेश |
ध्यान दें, Late Fee की रकम को लेकर अलग-अलग जगह अलग जानकारी मिलती है। कुछ जगह 50 रुपये तक बताया जाता है। इसलिए आवेदन से पहले अपने रजिस्ट्रार कार्यालय से सही Fee पक्की कर लें। एक बात साफ है कि देर जितनी ज्यादा, कागजी काम उतना ज्यादा।
Documents Required: Birth Certificate के लिए
- अस्पताल की डिस्चार्ज स्लिप या जन्म का सबूत
- माता और पिता का Aadhaar Card या पहचान पत्र
- माता-पिता का पता का सबूत
- आवेदक का मोबाइल नंबर
- देर से पंजीकरण होने पर शपथ पत्र (Affidavit)
- 1 साल से ज्यादा देर होने पर मजिस्ट्रेट का आदेश
Documents Required: Death Certificate के लिए
- अस्पताल में मौत हुई है तो अस्पताल की पर्ची, घर पर हुई है तो उसकी जानकारी
- मृत व्यक्ति का Aadhaar Card या पहचान पत्र
- सूचना देने वाले व्यक्ति का पहचान पत्र और मोबाइल नंबर
- मृत व्यक्ति का पता का सबूत
- देर से पंजीकरण होने पर शपथ पत्र
CRS पोर्टल से Birth Certificate Online Apply
CRS पोर्टल पर आम नागरिक भी जन्म या मृत्यु की सूचना Online दे सकते हैं। तरीका कुछ इस तरह है।
- CRS पोर्टल खोलें और General Public के लिए Sign Up करें।
- अपना नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल और राज्य चुनकर Registration पूरा करें।
- ईमेल या मोबाइल पर आए लिंक या OTP से Account चालू करें और Login करें।
- जन्म के लिए Birth Registration और मृत्यु के लिए Death Registration चुनें।
- फॉर्म में बच्चे या मृत व्यक्ति की जानकारी, तारीख, जगह और परिवार की जानकारी भरें।
- मांगे गए Documents अपलोड करें और फॉर्म जमा करें।
- Application Number संभाल कर रखें।
- रजिस्ट्रार जांच करके पंजीकरण करेंगे। उसके बाद प्रमाण पत्र डाउनलोड किया जा सकता है।
अगर Online आवेदन में परेशानी हो, तो अपने इलाके के जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार कार्यालय जाकर भी फॉर्म जमा कर सकते हैं।
घर पर जन्म या मौत हुई हो तो क्या करें
अस्पताल में जन्म या मौत होने पर सूचना देने की जिम्मेदारी अस्पताल की होती है। लेकिन घर पर ऐसा हुआ हो, तो परिवार के मुखिया या घर के किसी बड़े सदस्य को रजिस्ट्रार को सूचना देनी होती है। गांव में यह सूचना पंचायत स्तर पर तय रजिस्ट्रार को और शहर में नगर निकाय के रजिस्ट्रार को दी जाती है। सूचना देते समय जन्म या मौत की तारीख, जगह और परिवार की जानकारी सही-सही बताएं।
बच्चे का नाम बाद में कैसे जुड़वाएं
बहुत से परिवार जन्म के समय बच्चे का नाम तय नहीं कर पाते। कोई बात नहीं, बिना नाम के भी पंजीकरण हो जाता है। बाद में नाम जुड़वाने के लिए रजिस्ट्रार के पास आवेदन देना होता है। पंजीकरण के 1 साल के अंदर नाम जुड़वाने पर आमतौर पर कोई Fee नहीं लगती। उसके बाद मामूली Late Fee के साथ नाम जुड़ता है। इसकी भी एक समय-सीमा है, जो जन्म पंजीकरण से 15 साल तक की है। इसलिए नाम तय होते ही उसे प्रमाण पत्र में जुड़वा लें।
Birth Certificate Download कैसे करें
पंजीकरण पूरा होने के बाद CRS पोर्टल पर Login करके प्रमाण पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। इसके लिए Application Number या Registration Number चाहिए होता है। कई मामलों में प्रमाण पत्र DigiLocker में भी मिल जाता है। डाउनलोड करने के बाद नाम, तारीख और माता-पिता के नाम की वर्तनी जरूर जांच लें।
नाम या तारीख में गलती हो तो
प्रमाण पत्र में कोई गलती हो, तो उसे ठीक करवाया जा सकता है। इसके लिए रजिस्ट्रार के पास सुधार का आवेदन देना होता है, साथ में सही जानकारी का सबूत लगाना होता है। जैसे अस्पताल का कागज या माता-पिता का पहचान पत्र। गलती जितनी जल्दी पकड़ी जाए, सुधार उतना आसान होता है।
इन बातों का ध्यान रखें
- बच्चे के जन्म के 21 दिन के अंदर ही पंजीकरण करवा लें।
- अस्पताल से जन्म हुआ है तो डिस्चार्ज के समय ही पूछ लें कि सूचना भेजी गई या नहीं।
- बच्चे का नाम बाद में भी जुड़ सकता है, लेकिन पंजीकरण में देर न करें।
- फॉर्म में माता-पिता के नाम की वर्तनी वही रखें जो उनके Aadhaar में है।
- प्रमाण पत्र की कई कॉपी और डिजिटल कॉपी संभाल कर रखें।
फर्जी प्रमाण पत्र और दलालों से सावधान
जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र जल्दी बनवाने के नाम पर कई दलाल पैसे मांगते हैं। कुछ जगह फर्जी प्रमाण पत्र बनाने के मामले भी सामने आते हैं। फर्जी प्रमाण पत्र बाद में बड़ी कानूनी परेशानी बन सकता है। आवेदन सिर्फ CRS पोर्टल या अपने रजिस्ट्रार कार्यालय से करें। किसी अनजान वेबसाइट पर अपने कागज और OTP साझा न करें।
Important Links
| काम | लिंक |
|---|---|
| CRS Portal (जन्म-मृत्यु पंजीकरण) | https://dc.crsorgi.gov.in |
| UPYOG Bihar Official Portal | https://upyog.bihar.gov.in |
| DigiLocker | https://www.digilocker.gov.in |
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